केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर से विभिन्न सुरक्षा परियोजनाओं का शुभारंभ तथा पुलिस आवासों का किया ई-लोकार्पण
गांधीनगर, 31 अगस्त (Udaipur Kiran) । गुजरात में होने वाली आपराधिक घटनाओं, सड़क दुर्घटनाओं तथा अन्य घटनाओं के समय आधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से नागरिकों को पुलिस की त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने नूतन दृष्टिकोण दिखाया है।
राज्य सूचना विभाग ने अपने बयान में बताया कि केन्द्र सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार राज्य के गृह विभाग द्वारा डायल 112 जनरक्षक प्रोजेक्ट तथा गुजरात पुलिस के नवनिर्मित आवासों एवं पुलिस वाहनों का केन्द्रीय गृह मंत्री तथा गांधीनगर के सांसद अमित शाह ने रविवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी की प्रेरक उपस्थिति में शुभारंभ-लोकार्पण किया।
गांधीनगर से प्रारंभ तथा लोकार्पित की गई इन विभिन्न सुरक्षा परियोजनाओं में डायल 112 जनरक्षक प्रोजेक्ट अंतर्गत अत्याधुनिक कॉल सेंटर तथा 500 जनरक्षक वैन का प्रस्थान और पुलिस के मोबिलिटी इम्प्रूमेंट प्रोग्राम अंतर्गत लगभग 534 नए बोलेरो वैन का लोकसेवा के लिए प्रस्थान-लोकार्पण शामिल है।
इसके अलावा गुजरात पुलिस आवास निगम द्वारा गृह विभाग के 217 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित आवासीय तथा अनावासीय भवनों का भी अमित शाह ने लोकार्पण तथा देश में पहली बार गांधीनगर के माणसा पुलिस स्टेशन को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड द्वारा दिया गया आईएस-157000 सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनरक्षक 112 का लोकार्पण करते हुए कहा कि अब आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर डायल करने से मुक्ति मिलेगी। केवल एक ही नंबर 112 डायल करने से पुलिस, फायर, एम्बुलेंस, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन सबके लिए तत्काल मदद मिलेगी। सोफेस्टिकेटेड सॉफ्टवेयर संचालित जीपीएस सुविधा से युक्त इन वाहनों द्वारा गुजरात सरकार ने न्यू एज स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जनरक्षक 112 के आधुनिक टेक्नोलॉजी से सज्ज कंट्रोल रूम से अहमदाबाद में 150 कर्मचारी 24 घण्टे 7 दिन सेवा देंगे और राज्य के नागरिकों को सेवा प्रदान करेंगे।
गुजरात की सुरक्षा के नूतन एवं महत्वपूर्ण कदमों के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी की जोड़ी की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि गुजरात देश के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र वाला राज्य है। गुजरात का समुद्री किनारा, कच्छ या बनासकाँठा की सीमाओं पर पूर्व में अनेक अप्रिय घटनाएँ घटती थीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के शासनकाल में गुजरात की सीमाएँ अभेद्य दुर्ग समान बनी हैं। आज गुजरात कानून-व्यवस्था में नंबर वन है।
शाह ने इस अवसर पर 217 करोड़ रुपए की लागत से जेल, होमगार्ड के कर्मचारियों के लिए आवासीय-अनावासीय मकानों का ई-लोकार्पण करते हुए कहा कि पुलिस कर्मचारियों से किया गया वादा प्रधानमंत्री ने भली-भाँति निभाया है। प्रधानमंत्री के 11 वर्ष के कार्यकाल में यह स्थापित हुआ कि समग्र विश्व में भारत की सीमा व सेना से छोड़छाड़ नहीं की जा सकती। भारत आत्मरक्षा के लिए किसी भी स्तर तक जाकर सीमाओं की रक्षा करने को सज्ज है। आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टोलरेंस की नीति के फलस्वरूप पूर्वोत्तर में 10 हजार से अधिक लोग सरेंडर हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी 31 मार्च, 2026 को समग्र देश से नक्सलवाद समाप्त होगा।
वेस्टर्न जोनल काउंसिल की बैठक में शाह द्वारा दिए गए सुझाव के अनुसार गुजरात में डेडिकेटेड सेंटर फॉर साइबर एक्सीलेंस तैयार करने का महत्वपूर्ण निर्णय किया गया है।
इस कार्यक्रम में गांधीनगर की महापौर मीराबेन पटेल, राज्य पुलिस महानिदेशक व मुख्य पुलिस अधिकारी विकास सहाय, विधायक सर्व रीटाबेन पटेल, अल्पेश ठाकोर, जे. एस. पटेल, लक्ष्मणजी ठाकोर, बलराजसिंह चौहाण, गृह विभाग की प्रधान सचिव निपुणा तोरवणे, ईएमआरआई निदेशक के. कृष्णम राजू सहित राज्यभर से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मनपा पार्षद तथा बड़ी संख्या में नगरजन उपस्थित रहे।
—————
(Udaipur Kiran) / Abhishek Barad
You may also like
एक बार एक बहुत शक्तिशाली सम्राट हुआ। उसकी बेटी इतनी सुंदर थी कि देवता तक सोचते थे—अगर उससे विवाह हो जाए तो उनका जीवन धन्य हो जाएगा। उसकी सुंदरता की चर्चा पूरी त्रिलोकी में फैल गई थी। सम्राट भी यह जानते थे। एक रात सम्राट पूरी रात अपने कक्ष में टहलते रहे। सुबह महारानी ने देखा और
एक दिन सही कीमत सही जगह पर ही मिलती है एक पिता जो बुढ़ापे में बिस्तर पर पड़ा था, उसने अपनी बेटी को बुलाया और कहा, “बेटी, मैंने तुम्हें खूब पढ़ाया-लिखाया और एक शिक्षित व्यक्ति बनाया है। अगर मैं मर गया, तो मैं तुम्हारे लिए जीवन भर कोई संपत्ति नहीं बनाऊंगा। मैंने जो भी कमाया है, वह तुम्हारी पढ़ाई पर खर्च हो गया
जयपुर में पति ने पत्नी को प्रेमी के साथ पकड़ा, मामला गंभीर
हटो हटो एक व्यक्ति स्ट्रेचर पर आवाज देते हुए अस्पताल के अंदर दाखिल हो रहा है । तभी स्टाफ के व्यक्ति ने उनसे पूछा क्या हुआ? वह व्यक्ति बोला इनका एक्सीडेंट हुआ है सड़क किनारे पड़े हुए थे! कौन है? यह मैं नहीं जानता हूं हॉस्पिटल पास में था मैं यही ले आया । स्टाफ का व्यक्ति बोला
मेडिकल_किडनैपिंग ये होती है…… अभिनव वर्मा की माँ, जो सिर्फ 50 बरस की थीं, पेट में दर्द उठा। नज़दीक ही एक प्राइवेट अस्पताल बना है। डा. कनिराज ने माँ को देखा और अल्ट्रा साउंड कराने को कहा। प्राइवेट अस्पताल में ही अल्ट्रा साउंड हुआ और